प्रबन्धकाररणी के अजधकार व कततव्य:



अध्यक्षः

1. बैठकों की अध्र्क्षता करना।
2. मत बराबर आने पर हनणाार्क मत देना।
3. बैठकें आहूत करना।
4. संस्था का प्रहतहनहित्व करना।
5. संहवदा तथा अन्त्र् दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना।

उपाध्यक्षः
1. अध्र्क्ष की अनुपहस्थ्त में अध्र्क्ष के समस्त अहिकारों का प्रर्ोग करना
2. प्रबन्त्िकाररणी द्वारा प्रदत अन्त्र् अहिकारों का उपर्ोग कर

महामंत्री;
1. बैठकें आहूत करना।
2. कार्ावाही हलिना तथा ररकाॅ डा रिना।
3. आर्-व्यर् पर हनर्ंत्रण करना।
4. वैतहनक कमाचाररर्ों पर हनर्ंत्रण करना तथा उनके वेतन व र्ात्रा हबल आदद पास करना।
5. संस्था का प्रहतहनहित्व करना व कानूनी दस्तावेजों पर संस्था की ओर से हस्ताक्षर करना।
6. पत्र व्यवहार करना।
7. सम्पहत की सुरक्षा हेतु वैिाहनक अन्त्र् कार्ा जो आवश्र्क हो।

सचिव;
1. सहचव की अनुपहस्थहत में मंत्री पद के समस्त कार्ा संचालन करना।
2. अन्त्र् कार्ा जो प्रबन्त्िकाररणी/मत्रंॅी द्वारा सौपे जाव।

कोषाध्यक्ष व संयुक्त कोषाध्यक्ष:
1. वार्र्ाक लेिा जोिा तैर्ार करना।
2. दैहनक लेिों पर हनर्ंत्रण रिना।
3. चन्त्दा/शुल्क/अनुदान आदद प्राप्त कर रसीद देना।
4. अन्त्र् प्रदत कार्ा सम्पन्न करना।

संगठन मंत्री व प्रिार मंत्री:
1. संस्था में अहिक से अहिक सदस्र्ों को जोड़ना
2. संस्था के उद्देश्र्ों तथा कार्ों का प्रचार प्रसार करना।
3. कार्ाकाररणी द्वारा सौंपे गर्े कार्ा करना। संस्था